मैंने बचपन में भगवत गीता पढी, उसके बाद समझ में आया कर्म ही सब कुछ है- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

मैंने बचपन में भगवत गीता पढी, उसके बाद समझ में आया कर्म ही सब कुछ है- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

मैंने बचपन में भगवत गीता पढी, उसके बाद समझ में आया कर्म ही सब कुछ है- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे पिताजी धार्मिक विचारों वाले थे। इसीलिए बचपन से ही हमारे ऊपर अच्छे संस्कार हुए। मैंने बचपन से ही गीता जी का अध्ययन शुरू किया था। उससे यह समझ में आया कि कर्म ही सब कुछ है। हमें कर्म के ऊपर ध्यान देना चाहिए, उसके फल के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए।

 

मध्यप्रदेश शासन ने कई जनसामान्य के लिए कई प्रकार की योजनाएं शुरू की है। प्रयास करना हमारा काम है। निंदा- स्तुति, लाभ- हानि, मान- अपमान सब परिस्थितियों में स्थिति समान रहे, यही गीता जी की शिक्षा है। जैसा इस भवन का नाम है- सुख शांति भवन। और सभागार का नाम है अनुभूति सभागार।यहां आकर मुझे सच्चे सुख और शांति का अनुभव हो रहा है।

 

शांति तो अंदर की स्थिति है। इसे बाहर का शोर प्रभावित नहीं कर सकता। यह कहना था प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का। अवसर था नवनिर्मित अनुभूति सभागार के उद्घाटन एवं श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित कार्यक्रमका। सभी अतिथियों ने फलक पट्टिका का अनावरण करके विधिवत सभागार का उद्घाटन किया। ब्रह्मा कुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका जयंती दीदी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग जी, स्थानीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा जी, ब्रह्माकुमारीज के अतिरिक्त मुख्य सचिव बीके बृजमोहन भाई जी आदि की उपस्थिति में यह कार्य संपन्न हुआ।

 

 

सभी अतिथियों का स्वागत ब्रम्हाकुमारीज़ सुख शांति भवन नीलबड़ की डायरेक्टर बीके
नीता दीदी ने किया। कार्यक्रम के प्रति शुभकामनाएं मेजर जनरल श्री ऋतुराज रैना जी ने व्यक्त की। सुपरस्टार सिंगर फेम मास्टर प्रत्यूष ने अपने मनमोहक गीत द्वारा सबका मन मोह लिया। ‘गीता वृतांत की पुनरावृत्ति हो रही है’ इस विषय की भूमिका प्रोफेसर डॉ दिलीप नलगे जी ने रखी।

आज के विषय के मुख्य वक्ता बीके बृजमोहन भाई जी ने गीता ज्ञान की गहराई समझाई। उन्होंने कहा, यह गीता ज्ञान वर्तमान समय के लिए अत्यंत आवश्यक है। गीता में वर्णित धर्म ग्लानि का समय शुरू हो चुका है। और परमात्मा फिर से यह गीता ज्ञान ब्रह्मा कुमारीज के माध्यम से सबको दे रहे हैं।

यहां पर दिया जाने वाला ज्ञान ऐसा व्यावहारिक गीता ज्ञान है जिससे मनुष्य के अंदर सकारात्मक परिवर्तन आता है। उसके दैवी गुण जागृत होने लगते हैं। और वह देवत्व की ओर अग्रसर होने लगता है। वक्तव्य के बाद गीता में वर्णित राजयोग की अनुभूति आदरणीय बीके जयंती दीदी द्वारा सबको कराई गई। चारों ब्रह्माकुमारी बहने जिनका कल समर्पण समारोह हुआ, उनको मुख्यमंत्री जी ने सम्मानित किया।

मंचासीन मेहमानों का ईश्वरीय उपहार देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सूत्र संचालन बीके रामकुमार भाई ने किया। तथा आभार प्रदर्शन दिल्ली से पधारे बीके संजीव भाई जी ने किया। कार्यक्रम में भोपाल शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

 

 

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