बेसिक शिक्षा विभाग में नया फर्जीवाड़ा

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बेसिक शिक्षा विभाग में नया फर्जीवाड़ा

 

JMKTIMES! शिक्षा विभाग जिसे एक पवित्र और सम्मानित विभाग (BSA amethi news) माना जाता था। ऐसे में इस विभाग में धोखाधड़ी और जालसाजी के कारनामे लगातार देखने को मिल रहे हैं। यह विभाग भी धीरे-धीरे लोगों की नजरों से नीचे आ रहा है। जहां जिले में एक शिक्षक की पदस्थापना और 25 पूरी तरह खत्म नहीं हुई, वहीं एक और मामला सामने आया। राज्य में एक पैन पर 3 हजार शिक्षकों द्वारा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसकी जांच एसटीएफ द्वारा की जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के 3 हजार से अधिक शिक्षकों को एक ही पैन पर वेतन मिल रहा है, 100 से अधिक मामले हैं जिनमें दो शिक्षकों का वेतन बैंक खाते में जा रहा है। ऐसे शिक्षक पाए गए हैं जो फर्जी तरीके से पैन कार्ड बनाकर वेतन प्राप्त कर रहे थे।

 

ऐसी स्थिति में, अमेठी जिले में, 2 शिक्षक जांच के दायरे में आ गए हैं, तत्काल प्रभाव से वेतन बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा द्वारा वापस ले लिया गया है और 3 सदस्य टीमों का गठन किया जा रहा है और जांच की जा रही है। इसके साथ ही दोनों जिलों के बीएसए को भी पत्र लिखकर जवाब मांगा है। आपको बता दें कि वर्ष 2005 में सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार यादव अमेठी जिले की तिलोई तहसील में स्थित रमई उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। उस समय तिलोई तहसील रायबरेली जिले के अधीन था। तब से संबंधित शिक्षक द्वारा समान वेतन लिया जा रहा है। अब जांच में पता चला है कि प्रवीण कुमार यादव द्वारा दर्ज किया गया पैन नंबर वाराणसी में तैनात शिक्षक का ही पैन नंबर है। अब इन दोनों में से एक शिक्षक फर्जी है। जिसका खुलासा जांच के बाद होगा।

 

इसके साथ ही जिले के संग्रामपुर प्रखंड अंतर्गत बड़ा नवादा उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले सहायक शिक्षक रमेश कुमार यादव का पैन कार्ड भी गोंडा जिले में कार्यरत एक शिक्षक के पैन नंबर में मिला है। यह सहायक शिक्षक वर्ष 2009 में नियुक्त किया गया था। तब से यह इस जिले के स्कूल में भी कार्यरत है। उस समय यह स्कूल सुल्तानपुर जिले के अंतर्गत था। बाद में अमेठी जिला बना। उपरोक्त दोनों सहायक अध्यापकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने अपने मूल दस्तावेजों के साथ सत्यापन प्रस्तुत करने का नोटिस देकर निर्देश दिया है। इसके साथ, उपरोक्त मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों अमेठी, गौरीगंज और तिलोई को 3 सदस्यीय जांच समिति के रूप में नियुक्त किया गया है। जब तक परीक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक दूध का दूध पानी का पानी नहीं हो पाएगा। तब तक, बीएसए द्वारा इन दोनों शिक्षकों के वेतन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

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वहीं, जब भी बीएसए ने इस मामले में अमेठी के विनोद कुमार मिश्रा से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने टेलीफोन पर पूरी बात बताई, लेकिन कैमरे के सामने आने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इसमें कौन सही है और कौन नकली, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा, तभी हम कुछ कहने की स्थिति में होंगे।

 

 

 

 

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