कोरोना संकट में भ्रष्टाचार का खेल-आपदा नहीं, अवसर

Corruption-in-Corona-crisis

कोरोना संकट में भ्रष्टाचार का खेल-आपदा नहीं, अवसर

 

कांग्रेस ने covid-19 से लड़ने के लिए की गई (Corruption in Corona crisis) सभी सरकारी खरीद पर बड़े पैमाने पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाते हुए सरकार से सभी सरकारी खरीद के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।



देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। इस महामारी से लड़ने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत टेस्टिंग और किट की है। लेकिन इस बीच कोरोना वायरस जांच के लिए चीन से आई कोविड-19 टेस्ट किट के बदले भारत सरकार से ऊंचे दाम वसूलने का मामला सामने आया है। जिसको लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार से आग्रह किया कि कोरोना जांच के किट के आयात से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं ताकि देश को पता चल सके कि कौन लोग संकट के समय ऐसी गतिविधि में शामिल हैं।



उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से कहा, “एक कंपनी को चीन से पांच लाख परीक्षण किट खरीदने के लिए अनुबंधित किया गया था। अनुबंध को आईसीएमआर के इशारे पर सम्मानित किया गया था। चीन से आयातित किट की कीमत 245 प्रति किट है। पांच लाख किटों की कुल  (Corruption in Corona crisis) लागत रु। .12 करोड़ 25 लाख। अब जिसके माध्यम से यह चीन से आयात किया गया था, उन्होंने उसी 5 लाख परीक्षण किट को दूसरी कंपनी को एक करोड़ रुपये में बेच दिया। उन्होंने साढ़े सात करोड़ का लाभ कमाया। उस कंपनी ने आगे उसी परीक्षण किट की आपूर्ति की। 30 करोड़ के लिए ICMR। इसका मतलब है कि दूसरी कंपनी ने भी नौ करोड़ रुपये का लाभ कमाया, फिर 30 करोड़ के कुल लेनदेन में से, इन दोनों कंपनियों ने मिलकर 18 करोड़ और 75 लाख रुपये लिए, जिसे अंग्रेजी में  Arbitrage कहा जाता है। ”



उनके मुताबिक जिस कंपनी ने चीन से आयात किया वही कंपनी तमिलनाडु सरकार को 400 रुपये दे रही है। मतलब आईसीएमआर को 600 रुपए में, तमिलनाडु सरकार ने 50 हजार किट्स का ऑर्डर दिया था, उनको 400 रुपए में। फिर जब कोर्ट ने फटकार लगाई कि ये क्या हो रहा है, इतनी महामारी फैली हुई है, हर व्यक्ति अपने घर तक सीमित है, अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बैठ गई है, किसी को ये नहीं मालूम कि कल क्या होगा, ऐसी परिस्थिति में आप 100 प्रतिशत से भी ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं कि 245 रुपए की चीज 600 रुपए में सप्लाई कर रहे हैं। कोर्ट ने फटकार लगाई तो उस कंपनी ने कहा कि हम 400 रुपये में आईसीएमआर को आपूर्ति कर देंगे

क्या COVID-19 या कोरोनावायरस हवा से फैलता है?

मनीष तिवारी ने आगे कहा कि इस समय (Corruption in Corona crisis)  कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को रोकने की जरूरत है। सरकार से मांग करना चाहते हैं इस मामले की तत्काल जांच होनी चाहिए और इस महामारी के समय इस मुनाफाखोरी पर रोक लगनी चाहिए। जितनी भी किट आयात हुई है उनसे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि देश को पता लगना चाहिए कि कौन लोग ऐसा कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, “कोरोना संकट में छोटे बच्चे, किसान, नौजवान, महिलाएं, अपनी गाढ़ी कमाई में से इस बहुत ही विचित्र समय में पीएम केयर फंड में पैसा दे रहे हैं, बाकी रिलीफ फंड में पैसा दे रहे हैं और इस पैसे का इस्तेमाल किस तरह से किया जा रहा है। आप सोचिए कि 18 करोड़ 75 लाख रुपए में कितनी और किट प्रिक्योर हो सकती थी। जब कल मैंने ये बात कही कि देश के पास सिर्फ 3 लाख आरएनए किट्स एक हफ्ते की सप्लाई बाकी है और इसलिए टेस्टिंग कम है। अब ये समझ आ रहा है कि इसकी खरीद में किस तरह से तथाकथित धांधली हो रही है।”



Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

//graizoah.com/afu.php?zoneid=3493311