भुखमरी के कगार पर प्राइवेट शिक्षक

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भुखमरी के कगार पर प्राइवेट शिक्षक

 

JMKTIMES! कोरोना महामारी को लेकर सभी वर्ग के लोग (private teachers news)  चिंतित हैं। सरकार ने उद्योग व्यवसायों के संचालन के लिए  (private teacher association news) एक दिशानिर्देश जारी किया है, लेकिन निजी स्कूलों और शिक्षण परिवारों को बनाए रखने वाले निजी शिक्षकों के लिए अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। चार महीने से घर बैठे निजी शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। निजी शिक्षक स्कूल बंद होने और कोचिंग संचालित नहीं होने से परेशान हैं।



कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण मार्च में स्कूल और कॉलेज बंद कर  (private teachers news) दिए गए थे। जिसके कारण निजी शिक्षक घर बैठे रहे। चार महीने बीत जाने के बाद भी स्कूलों के खुलने का कोई मौका नहीं है। कोचिंग संचालन भी बंद है। ऐसे में कोचिंग पढ़ाने से परिवार चलाने वाले निजी शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।



कोरोना महामारी का निजी शिक्षकों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा कोई मदद नहीं की गई है। अन्य क्षेत्रों में, गाइड लाइन जारी की गई लेकिन बेरोजगार शिक्षकों की आजीविका के लिए कोई मार्गदर्शन नहीं किया गया। जिसके कारण परिवार के खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो जाता है। कोचिंग संचालन के लिए प्रशासन से मांग की गई थी लेकिन कोई निर्देश नहीं मिले। जिसके कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहा है।

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बुंदेलखंड प्राइवेट टीचर्स एसोसिएशन अध्यक्ष फ़ीरोज़ ख़ान का कहना है कि संक्रमण के कारण कोरोना चार महीने से घर पर बैठे है। जिसके कारण आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

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फिरोज खान ने प्रधानमंत्री, एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की, कि टीचर्स के लिए भी सकारात्मक गाइडलाइन्स जारी करें  15-15 बच्चों को सोशल डिस्टेन्स , सेनेटाइजर सुविधा के साथ कोचिंग के लिए पढ़ाने की अनुमति दी जानी चाहिए। ताकि उनकी आजीविका, रोटी चल सके। व्यापारियों की तरह, सरकार को निजी शिक्षकों को कुछ छूट देनी चाहिए।



 

 

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