राम मंदिर भूमि पूजन की मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त 32 सेंकेड का

Ram Mandir Bhoomi Pujan

राम मंदिर भूमि पूजन की मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त 32 सेंकेड का

 

रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर  (Ram Mandir Bhoomi Pujan) निर्माण के लिए शुरू हुए अनुष्ठान में मंगलवार को हनुमानगढ़ी में हनुमानजी के निशान की पूजा की जाएगी। इसके साथ रामजन्मभूमि के गर्भगृह स्थल पर रामार्चा पूजन होगा। इसके साथ देवी सरयू का भी पूजन किया जाएगा।

 

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन के दौरान 18 अप्रैल से शुरू किए गये अनुष्ठान का तीन अगस्त को 108 वां दिन पूरा हो गया। दैवयोग से ही भूमि पूजन के लिए पांच अगस्त का मुहूर्त भी तय हो गया। उन्होंने बताया कि अब तक रामजन्मभूमि परिसर में विष्णु सहस्त्रनाम की आहुतियां दो बार दी जा चुकी हैं। भगवान राम व हनुमान जी के नामाक्षरों से आहुतियों के अलावा रामार्चा पूजन व रुद्राभिषेक भी हो गया। गुप्त नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का भी पारायण किया गया।

 

तीन दिवसीय भूमि पूजन का अनुष्ठान सोमवार से (Ram Mandir Bhoomi Pujan) शुरू हो गया। मुख्य पूजन पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निर्धारित शुभ मुहूर्त में करेंगे। यह मुहूर्त 32 सेंकेड का है जो मध्याह 12 बजकर 44 मिनट आठ सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड के बीच है। बताया गया कि षोडश वरदानुसार 15 वरद में ग्रह स्थितियों का संचरण शुभ और अनुकूलता प्रदान करने वाला है।

 


इस बीच सोमवार से आरम्भ हुए अनुष्ठान के प्रथम (Ram Mandir Bhoomi Pujan) दिन गो-पूजन, प्रायश्चित अनुष्ठान, सहस्त्र मोदक से गणपति हवन, पंचांग पूजन, वेदिका पूजन, सर्वतोभद्र पूजन, ब्राह्मण वरण के अलावा अथर्व शीर्ष के मंत्रों से सहस्त्र आहुतियां दी गयी। इस पूजन के मुख्य आचार्य काशी के जयप्रकाश उपाध्याय थे। इसके अलावा अरुण दीक्षित व चद्रभानु शर्मा समेत काशी-कांची, अयोध्या व दिल्ली के 21 वैदिक आचार्य शामिल थे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि के निर्देशन में शुरु हुए अनुष्ठान के यजमान दिल्ली के महेश भाग चंदका थे। मुख्य पूजन में यजमान राम मंदिर आंदोलन के नायक व विहिप नेता स्वर्गीय अशोक सिंहल के बड़े भाई के बड़े बेटे सलिल सिंहल होंगे जो मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे।

 

भूमि पूजन से पहले दुल्हन की तरह सजी रामलला की नगरी अयोध्या

सदियों की प्रतीक्षा के बाद रामजन्मभूमि में रामलला के मंदिर निर्माण शुरु होने की शुभ घड़ी में भगवान राम की कुलदेवी जिन्हें अयोध्या में बड़ी देवकाली के रुप में प्रतिष्ठा प्राप्त हैं, के अलावा छोटी देवकाली माता का भी पूजन किया गया। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस पूजन के यजमान ट्रस्टी व अयोध्या नरेश विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि मंगल कार्य में सबकुछ मंगल रहे, इसके लिए देवी मां से प्रार्थना की गयी। इस अनुष्ठान में वैदिक आचार्य अशोक भट्ट व चंद्रशेखर वैदिक समेत उनके सहयोगी आचार्य मौजूद रहे।

 

 

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